• Tue. Sep 27th, 2022

The Uk Pedia

We Belive in Trust 🙏

छात्रों ने किया ‘द स्वान सॉन्ग’ नाटक का भावपूर्ण मंचन

Bytheukpedia

Jul 11, 2022
छात्रों ने किया 'द स्वान सॉन्ग' नाटक का भावपूर्ण मंचन
Spread the love

मनोज उनियाल
श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल विवि के लोक कला संस्कृति केन्द्र द्वारा एंटोन चेखोव द्वारा लिखित नाटक ‘द स्वान सॉन्ग’ का भावपूर्ण मंचन किया गया। दो दिन तक चले इस नाटक में गौरव सिंह व विकेश बाजपेयी द्वारा शानदार मंचन किया गया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ संजय पाण्डे ने कहा कि विभाग द्वारा हर शनिवार को अलग अलग नाटकों के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। जिसमें विवि के हर विभाग के छात्र छात्रायें प्रतिभाग कर सकते हैं। वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी प्रो. डीआर पुरोहित ने सभी कलाकारों की हौंसलाफजाई की। इस अवसर पर गायिका बीरा देवी, अभिषेक, हेमंत, अरविंद, डॉ संदीप, डॉ पंकज, अंकित उछोली, अंजली, ऐनी भारद्वाज आदि मौजूद रहे।


नाटक का सार:-
“द स्वान सॉन्ग का आधार एक उम्रदराज़ अभिनेता के इर्द-गिर्द घूमता है, जो अपने इतिहास और उसके द्वारा निभाई गई भूमिकाओं को दर्शाता है। नाटक का मुख्य पात्र श्वेतलोविडॉफ है। श्वेतलोविडॉफ एक नाट्य अभिनेता है जो अब 68 वर्ष का है। उन्होंने एक कलाकार के रूप में पैंतालीस साल से अधिक समय बिताया। बाद में, हम पुराने अभिनेता को थिएटर में अकेले नशे में पाते हैं। दर्शक और अन्य कलाकार सभी मंच से बाहर निकल चुके हैं। अब जबकि घड़ी के बारह बज चुके हैं, बुजुर्ग अभिनेता बेघर हैं और उनका कोई परिवार नहीं है। नतीजतन, उसे अपने पिछले जीवन के बारे में पछतावा है और वह अपनी वर्तमान स्थिति से नाखुश है। निकितुष्का श्वेतलोविडॉफको सांत्वना देने और सहानुभूति दिखाने के लिए आता है। नश्वेतलोविडॉफ ने लंबे समय तक अपने दर्शकों के मनोरंजन के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है उनके अभिनय करियर के शिखर पर, एक प्यारी युवा धनी महिला ने उनकी प्रशंसा की। उन्होंने अपने शेष जीवन के लिए विवाह और सुखी वैवाहिक जीवन का भी सुझाव दिया, लेकिन उन्होंने उन्हें स्थायी रूप से मंच छोड़ने की सलाह दी। इसका कारण यह था कि वह एक कलाकार से प्यार कर सकती थी, लेकिन अभिनेता की बुद्धिमत्ता से नहीं, और उसने अभिनय को एक लो-प्रोफाइल व्यवसाय के रूप में देखा, जिसमें कलाकारों को शादी के लिए सक्षम नहीं माना जाता था। वे कुलीन मनोरंजन के लिए अभिप्रेत हैं। उसके जीवन में हर किसी ने उसके साथ एक खिलौने या निम्न-स्थिति वाली महिला की तरह व्यवहार किया है। अंत में, वह अभिनय से संन्यास लेने का फैसला करता है और निकितुष्का की सहायता से ऐसा करता है। उनके जाने से हमें उनके स्वान सॉन्ग की धारणा प्राप्त होती है।
उनका विदाई प्रदर्शन उनके महान प्रदर्शनों की याद बन जाता है।”